परास्नातक उपाधि

प्राचीन इतिहास, राजनीति शास्त्र, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत इत्यादि विषयों में स्नातक स्तर की शिक्षा उपलब्ध है। इसके अलावा हिन्दी, अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र एवं समाजशास्त्र जैसे विषयों में परास्नातक स्तर का ज्ञान भी छात्र अर्जित करके उपाधि ग्रहण कर समाज के नवनिर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तत्पर हो सकते हैं।  संभव है भविष्य में यह महाविद्यालय पीएचडी की उपाधि भी छात्रों को दिलाने में सक्षम हो सके।