विचारों का निर्माण

किसी विषय में मात्र पुस्तकीय ज्ञान ही पर्याप्त नहीं होता बल्कि समय-समय पर शैक्षणिक भ्रमण एवं प्रयोगिक विज्ञान के द्वारा छात्रों के दिमाग को विचारों के लिए उर्वरक बनाना भी आवश्यक है क्योंकि बिना नए विचारों के सृजन के सिर्फ उपलब्ध ज्ञान को स्मरण कर लेना विकास में बाधा उत्पन्न करता है अतः छात्रों को इस तरह से शिक्षित करना ताकि वह स्वयं नए विचारों के साथ अपने आप को प्रस्तुत कर सकें यह महाविद्यालय का निरंतर प्रयास रहता है।