वैश्विक शिक्षण

भारत अपने आप में एक विशाल राष्ट्रीय हैं यहां का इतिहास यहां की संस्कृत भाषा रहन-सहन परिवेश सब कुछ विराट और विविध है परंतु भविष्य के दृष्टिकोण से अब संपूर्ण विश्व इंटरनेट एवं मोबाइल के माध्यम से सिमटता जा रहा है सूचनाओं का आदान-प्रदान तेजी से बढ़ रहा है इसलिए आधुनिक युग में विश्व स्तरीय शिक्षा एवं ज्ञान की आवश्यकता है जिसके लिए महाविद्यालय में विश्व स्तर की पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं जिसमें ना सिर्फ भारतीय लेखकों अपितु विश्व स्तर के महान लेखकों की पुस्तकें भी मौजूद हैं ताकि छात्र उनका अध्ययन करके अपने ज्ञान की सीमा का विस्तार कर सकें।